अरे थाली में जगमग होये आरती कृष्ण कन्हैया की

पारंपरिक
श्री कृष्ण आरती कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

अरे थाली में जगमग होये,

आरती कृष्ण कन्हैया की,

राम जी तूम हू आयो रे,

और सीता को लाइयां साथ,

आरती कृष्ण मुरारी की,

अरे थाली में जगमग होये,

आरती कृष्ण कन्हैया की......

कन्हैया तूम हू आयो रे,

और राधा को लायो संग,

आरती कृष्ण कन्हैया की,

अरे थाली में जगमग होये,

आरती कृष्ण कन्हैया की....

हनुमत तूम हू आयो रे,

अंजना मैया लाइयो रे,

अरे थाली में जगमग होए,

आरती कृष्ण कन्हैया की....

गुरूजी जी तुम हु आयो रे,

और चेला को लाइयो साथ,

आरती कृष्ण कन्हैया की,

अरे थाली में जगमग होए,

आरती कृष्ण कन्हैया की.....

मैया तुम हु आइयो रे,

अरे लांगुर को लाइयो संग,

अरे भेरो को लाइयो साथ,

आरती कृष्णा कहानिया की,

अरे थाली में जगमग होए,

आरती कृष्ण कन्हैया की.....

भगता तुम हु आइयो रे,

और सांगत को लाइयो संग,

आरती कृष्णा कनहिया की,

अरे थाली में जगमग होए,

आरती कृष्ण कन्हैया की.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।