आजा श्याम वे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हुण आजा श्याम वे, सोह है तैनू प्यार दी,

तू की जाने किवे गुज़ारा घड़ियाँ इंतज़ार दी.....

इक दिन राति सपने दे विच आ गए श्याम मुरारी,

मोर मुकट मत्थे तिलक विराजे, कुंडला दी छवि न्यारी,

आँख जद मैं खोली श्यामा, रह गयी रूप निहार दी,

हुण आजा श्याम वे......

डरदी मारी आँख न खोला किते सपना न टूट जाए,

मुश्किल दे नाल श्याम हत्थ आया, किधरे चला न जाए,

आँख जद मैं खोली श्यामा, रह गयी वाजा मारदी,

हुण आजा श्याम वे......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।