एहना अखियां च तू होवे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

एहना अखियां च तू होवे जदो दुनिया तो जावा मैं,

जे हो जाये रीज एह पूरी तेरा लख लख शुक्र मनावा मैं,

एहना अखियां च तू होवे जदो दुनिया तो जावा मैं....

है गिनती रह गई थोड़ी नाथ मेरे ता साहा दी,

लिस्ट लम्बी बड़ी है श्यामा जी मेरे गुनाह दी,

जे मिल जाये तू किते मैनु खोल दुखड़े सुनावा मैं,

एहना अखियां च तू होवे जदो दुनिया तो जावा मैं....

तेरे दर ते एह जग झुक्दा झुके सिर बादशाह दा,

पत्थर ही बन के लग जावा तेरे दर जांदे रहा दा,

जिहनि राही भगत लंगदे सदा अखियां विशावा मैं,

एहना अखियां च तू होवे जदो दुनिया तो जावा मैं....

मैं यारी ला लाई श्यामा तेरा ही मैं कहावागा,

तू दुःख देवी या सुख देवी कदे न मेहना लावागा,

एह दास तेरे दा कहंणा है तेरी ही महिमा गावा मैं,

एहना अखियां च तू होवे जदो दुनिया तो जावा मैं....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।