राधा रानी हमारी फूलों में

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

राधा रानी हमारी फूलों में,

श्यामा प्यारी हमारी फूलों में.....

फूलों के हार फूलों के गजरे,

कैसी छाई बहार फूलों में,

राधा रानी.....

फूलों की सारी फूलों की अँगिया,

कैसी चूनर सजी है फूलों में,

राधा रानी.....

फूलों के द्वार फूलों का बंगला,

कैसे झूमर सजे है फूलों में,

राधा रानी.....

फूल सी श्यामा फूलों से श्याम,

कैसी जोड़ी सजी है फूलों में,

राधा रानी.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।