पागल हो गई भोले तेरे प्यार में

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

मेरी र जाटनी पागल हो गई भोले तेरे प्यार में,

बस लेन दे मेरा ढूंढ यार तू के लेगा तकरार में....

मैं मांगू सु चा का प्याला मैंने आंख दिखावे स,

भर के लोटा दूध का वो तन्ने रोज नहवावै स,

तेरे नाम पे पागल हो गई , भूल गई घर बार न,

बस लेन दे मेरा ढूंढ यार तू के लेगा तकरार में.....

बखत उठ के हल या जोडू, खेता का स काम मेरा,

रोटी तक भी लावे कोना देखे जा सु बाट खड़ा,

तेरे छप्पन भोग लगावै या हॉली जावा भाड़ में,

बस लेन दे मेरा ढूंढ यार तू के लेगा तकरार में.....

बुड्ढे स र मेरे मत पिता पर सेवा का कोई काम नहीं,

दो बालक मेरे छोटे छोटे उनका भी कोई ख्याल नहीं,

नाहा धो क मंदिर में जावे लगी रवे सिंगार में,

बस लेन दे मेरा ढूंढ यार तू के लेगा तकरार में......

नु तो मेरे पक्की जच गई तेरी गालय जावेगी,

नु तो मैं भी जान गया मेरे कोना ढून्ढ बसावेगी,

हाथ जोड़ के करू विनती बकश मेरे परिवार ने,

बस लेन दे मेरा ढूंढ यार तू के लेगा तकरार में.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।