निक्का जेहा कम श्याम तेरे तो करोना ए

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

निक्का जेहा कम श्याम तेरे तो करोना ए...

पहला तेरे चरना च शीश झुकाना ए,

काम कोई औखा नहीं श्याम जी अटकाइयो ना,

लोक ते परलोक दा साथी मै बनाना ए,

निक्का जेहा कम.....

पहला कम श्याम मेरे दिल विच वस जा,

जिदर मै वेखा उधर नज़र आवे हसदा,

सोहने नैना वालिया दा रज रज दर्शन पाना ए,

निक्का जेहा कम.....

दूजा कम श्याम मैनु विषया कोलो बचा लवी,

सच्चे नाम वाली ज्योत दिल विच जगा देवी,

सोहने मुखड़े वालिया नु दिलो ना भुलाना ए,

निक्का जेहा कम.....

तीजा कम श्याम मैनु जंजाला तो बचा लवी,

वृंदावन दी टोली विच मैनु वी रला लवी,

तेरिया भगता दे नाल तर जाना ए,

निक्का जेहा कम.....

चौथा कम श्याम मैनु परवा ना मौत दी,

मैनु वी चाहिदी तेरे दर दी नौकरी,

तेरेया रंगा दे विच मै वी रंग जाना ए,

निक्का जेहा कम.....

पंजवा काम श्याम मेरा सबना कोलो छोटा ए,

अंत वेले होवे मेरे नाल खालोता ए,

बाह पकड़ के मैनु वृन्दावन ले जाना ए,

निक्का जेहा कम.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।