चलो बुलावा आया है माता ने बुलाया है

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

चलो बुलावा आया है माता ने बुलाया है,

उच्चे पर्वत में महारानी ने दरबार लगाया है,

सारे जग में एक ठिकाना सारे ग़म के मरो का,

रास्ता देख रही है माता अपनी आंख के तारो का,

मस्त हवाओ का एक योका ये संदेसा लाया है,

चलो बुलावा आया है.......

जय माता दी जय माता दी कहते जाओ जय माता दी

जय माता दी कहते जाओ आने जाने वालो को,

चलते जाओ तुम मत देखो अपने पाओ के छलो को,

जितने जितना दर्द सहा है उतना फल भी पाया है,

चलो बुलावा आया है.......

वशिनो देवी के मंदिर में लोग मुरादे पते है,

रोते रोते आते है हस्ते हस्ते जाते है,

मैं भी मांग के देखू जिसने जो माँगा वो पाया है,

चलो बुलावा आया है..........

मैं भी तो एक माँ हु माता,

माँ ही माँ को पहचाने,

बेटे का दुःख क्या होता है और कोई क्या जाने,

उसका पुन मैं देखू कैसे जिसका दूध पिलाया है,

चलो बुलावा आया है...........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।