दरबार बुलाते हो,

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

दरबार बुलाते हो, रोतो को ह्साते हो,

ना जाने कितनो से, रिश्तो को निभाते हो,

वारी जाऊ मै तेरे सावरीया...

जग से जो हारा, तुझको पुकारा,

तुमने ही आके बाबा दुखो से उबारा,

धीर बधाते हो, फिर गले लगाते हो,

ना जाने कितनो से, रिश्तो को निभाते हो…

भटके हुए को राह दिखाइ,

हाथ बढाया जिसने पकडी कलाई,

पग-पग समझाते हो, गिरतो को उठाते हो,

ना जाने कितनो से, रिश्तो को निभाते हो.....

कल्युग जोर तेरा, शीश के दानी,

तेरी दातारी भी, दुनिया ने मानी,

सबको अपनाते हो, सम्मान दिलाते हो,

ना जाने कितनो से, रिश्तो को निभाते हो…

Johny Goyal

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।