ताली बाजण दे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ताली बाजण दे,

ओ ताली बाजण दे,

जम के ताली बाजण दे,

मैं जम के नाचूं,

आज मन्ने तू नाचण दे,

बाजण दे, बाजण दे,

बाजण दे....

दोन्यू हाथ उठाओ जी,

दोन्यू हाथ उठाओ जी,

थम दोन्यू हाथ उठाओ जी,

रंग बरसे, रंग बरसे,

रंग बरसे श्याम के द्वार,

के रंग जमाओं जी,

ओ ताली बाजण दे,

जम के ताली बाजण दे,

मैं जम के नाचूं,

आज मन्ने तू नाचण दे,

बाजण दे, बाजण दे,

बाजण दे.....

बोल तेरा के घट जाएगा,

बोल तेरा के घट जाएगा,

तन्न मिलज्या बाबा श्याम,

यो सौदा पट ज्या गा,

ओ ताली बाजण दे,

जम के ताली बाजण दे,

मैं जम के नाचूं,

आज मन्ने तू नाचण दे,

बाजण दे, बाजण दे,

बाजण दे.....

तेरी खाली झोली भर देगा,

तेरी खाली झोली भर देगा,

तू आजा खाटू धाम,

काम तेरे कर देगा,

ओ ताली बाजण दे,

जम के ताली बाजण दे,

मैं जम के नाचूं,

आज मन्ने तू नाचण दे,

बाजण दे, बाजण दे,

बाजण दे......

पाप तेरे कट जावेंगे,

सारे पाप तेरे कट जावेंगे,

तू आजा इसके द्वार,

काम बन जावेंगे,

ओ ताली बाजण दे,

जम के ताली बाजण दे,

मैं जम के नाचूं,

आज मन्ने तू नाचण दे,

बाजण दे, बाजण दे,

बाजण दे......

श्याम सुन्दर का कहणा सै,

श्याम सुन्दर का कहणा सै,

तू नाम का,

तू नाम का जन्म जोड़

ओ ताली बाजण दे,

जम के ताली बाजण दे,

मैं जम के नाचूं,

आज मन्ने तू नाचण दे,

बाजण दे, बाजण दे,

बाजण दे.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।