बाला जी तेरा भक्त बुलावे तन्ने आना से

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

बालाजी थारा भक्त बुलावे तने आना से,

सवामणी का रोट बालाजी तन्ने भोग लगाना से,

मोटा मोटा बना रोट मूसल से करी कुटाई,

ऊपर से मिठी मिठी खांड मन्ने बुर्काई,

जो भावे ते ओर बतायैए ना शर्माना से,

सवामणी का रोट.....

देसी घी मे चूर चूर के तैयार करा मैं चोखा,

इतना बढ़िया रोट खान का फेर मिले ना मोखा,

इसी बहाने मन्ने तेरा दर्शन पाना से,

सवामणी का रोट.....

पाई पाई जोड़ जोड़ के रोट करा मन्ने तेरा,

जितनी गुदड़ी उतना मन्ने पैर पसारा मेरा,

56 भोग नही नरसी के ताजा खाना से,

सवामणी का रोट.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।