तेरे नाम की मस्ती मे रहते हम पागल

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

तेरे नाम की मस्ती मे रहते हम पागल सुबह शाम,

तेरे नाम की मस्ती मे रहते हम पागल सुबह शाम,

जय जय माँ झण्डेवाली बोले ओर नही कोई काम,

जय जय माँ झण्डेवाली बोले ओर नही कोई काम,

हम इस दुनिया मे रहकर भी सब से अनजाने है,

माँ झण्डेवाली के दीवाने है माँ झण्डेवाली के दीवाने है,

माँ शेरोवली के दीवाने है,

दीवाने है दीवाने है दीवाने है दीवाने है,

दीवाने है दीवाने है दीवाने है दीवाने है,

माँ झण्डेवाली के दीवाने है माँ झण्डेवाली के दीवाने है,

तेरे नाम की मस्ती मे रहते हम पागल सुबह शाम....

माँ दिल में है माँ साँसो में ये रोम रोम ही माँ का है,

ये हस्ती ही है मैया की जो बिना झुके सब माँ का है,

जब तक ही है ये जीवन माँ के भजन ही गांने है,

माँ झण्डेवाली के दीवाने है माँ झण्डेवाली के दीवाने है,

माँ शेरोवली के दीवाने है,

दीवाने है दीवाने है दीवाने है दीवाने है,

दीवाने है दीवाने है दीवाने है दीवाने है,

माँ झण्डेवाली के दीवाने है माँ झण्डेवाली के दीवाने है,

तेरे नाम की मस्ती मे रहते हम पागल सुबह शाम....

ये जितना भी परिवार मेरा सब माँ की दया से चलता है,

माँ के पावन भण्डारो से यहाँ पेट सभी का भरता है,

माँ रोज बाँटती है फिर भी भरे खजाने है,

माँ झण्डेवाली के दीवाने है माँ झण्डेवाली के दीवाने है,

माँ शेरोवली के दीवाने है,

दीवाने है दीवाने है दीवाने है दीवाने है,

दीवाने है दीवाने है दीवाने है दीवाने है,

माँ झण्डेवाली के दीवाने है माँ झण्डेवाली के दीवाने है,

तेरे नाम की मस्ती मे रहते हम पागल सुबह शाम....

माँ चन्दा में माँ सुरज मे माँ तो है चमकते तारो में,

माँ दीवानो को दिखती है माँ दुनिया की सभी बहारो में,

ये बन्सी पुरी भी माँ की जोती के दीवाने है,

माँ झण्डेवाली के दीवाने है माँ झण्डेवाली के दीवाने है,

माँ शेरोवली के दीवाने है,

दीवाने है दीवाने है दीवाने है दीवाने है,

दीवाने है दीवाने है दीवाने है दीवाने है,

माँ झण्डेवाली के दीवाने है माँ झण्डेवाली के दीवाने है,

तेरे नाम की मस्ती मे रहते हम पागल सुबह शाम....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।