सवेरा सवेरा जब हो मेरे करतार

अनूप जलोटा
महादेव आरती शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

सवेरा,सवेरा जब हो, मेरे करतार,

करू में तेरी जय जयकार, शम्बू तेरी जय जयकार,

जय जयकार करू तो शिव जी मन मेरा जग जाये,

तन पवन करने को जाऊ गंगा की जल दार,

करू मैं तेरी जय जयकार......

तन पावन कर जल से ख़त भर तेरे मंदिर आऊ,

पूजन अरचन करू आरती प्रभु तेरे दरबार,

करू मैं तेरी जय जयकार......

भगती पूर्वक शिव पूजन हो शांति मन में पाऊ,

मेरे सकल काम हो पुरे दिखे शिव माये संसार,

करू मैं तेरी जय जयकार......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।