मेरे श्याम की कृपा से

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जो भी जहाँ में पाया है बाबा तेरी माया,

मैं हूँ बस तेरा तू है बस मेरा श्याम.....

मेरे श्याम की कृपा से मेरा नाम हो रहा है,

मेरी ज़िन्दगी का पूरा अरमान हो रहा है,

श्याम मेरे श्याम.....

मैंने नाम तेरा गाय दुखो को है भुलाया,

तूने मुझे ओ बाबा अपने गले लगाया,

तेरी कृपा का चर्चा खुलेआम हो रहा है,

मेरी ज़िन्दगी का पूरा अरमान हो रहा है,

श्याम मेरे श्याम.......

मैं तो नहीं हूँ लायक तूने ज़िन्दगी बनाई,

तेरा नाम लेते लेते मैंने हर ख़ुशी है पाई,

जीवन में धीरे धीरे आराम हो रहा है,

मेरी ज़िन्दगी का पूरा अरमान हो रहा है,

श्याम मेरे श्याम.......

जो भी जहाँ में पाया है बाबा तेरी माया,

मैं हूँ बस तेरा तू है बस मेरा श्याम.....

बाबा ये तेरी कृपा मुझपे बनाये रखना,

सेवा में तेरी बाबा मुझको लगाए रखना,

ऋषभ भी बाबा तेरा गुणगान कर रहा है,

मेरी ज़िन्दगी का पूरा अरमान हो रहा है,

मेरे श्याम की कृपा से मेरा नाम हो रहा है,

मेरी ज़िन्दगी का पूरा अरमान हो रहा है,

मुझको जहाँ से क्या काम मैं तो जपता हूँ निष्काम....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।