भीलनी तेरे घर आवे भगवान

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

भीलनी तेरे घर आवे भगवान आज तू सोईयो मत ना री....

भोर भऐ तु कुटिया झाड़ियों,

कुटिया झाड़ियों अंगना लिपईयो,

भीलनी फटकार विछईयों खाट, खाट पर सोईयो मत ना री,

भीलनी तेरे घर आवे भगवान.....

जल्दी उठो गंगाजल लइयो,

गंगाजल को ढक कर लईयो,

भीलनी तु दो ही पीजों घूंट, तीसरा पीजो मत ना री,

भीलनी तेरे घर आवे भगवान.....

जल्दी उठीयो बागो जईयो,

भर दलिया फूलों की लईयो,

भीलनी तु दो ही बनईयो हार, तीसरा बनईयो मत ना री,

भीलनी तेरे घर आवे भगवान.....

जल्दी उठीयो बागो जीयो,

भारत दलिया बेरों की लईयो,

भीलनी तु चख चख रखीयो बेर, बेर को धोईयो मत ना री,

भीलनी तेरे घर आवे भगवान.....

राम लखन कुटिया में आए,

भीलनी ने आसन बैठाए,

भीलनी तु मांगन होए सोई, मांग आज शरमईयो मत ना री,

भीलनी तेरे घर आवे भगवान.....

सारा जीवन वन में बीता,

जप रही माला पढ रही गीता,

भगवान कर दो भव से पार, आज शकुचईयो मत ना रे,

भीलनी तेरे घर आवे भगवान.....

वन की सखियां मेरे घर आ जाओ,

अपना जीवन सफल बनाओ,

बहना मैं तो आज तजुगी प्राण, आज तुम जइयो मत ना री,

भीलनी तेरे घर आवे भगवान.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।