जय माता दी बोला कर तू

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

सोते वक्त उठने से पहले काम कोई करने से पहले,

ये शुभ काम किया कर तू ये शुभ काम किया कर,

सबसे पहले बस ये बोला कर तू जय माता दी,

जय माता दी बोला कर तू जय माता दी,

सोते वक्त उठने से पहले.....

जब तू माँ का नाम जपेगा जब तू माँ का नाम जपेगा,

मौज में सारा दिन गुजरेगा माँ के नाम का अमृत,

अपनी सांसों में नित घोला कर तू जय माता दी,

जय माता दी बोला कर तू जय माता दी,

सोते वक्त उठने से पहले.....

दिल मैया के रंग में रंग के देख ले तू दात्ती से मंग के,

दामन फैलाने से पहले दामन फैलाने से पहले,

मन को जरा टटोला कर तू जय माता दी,

जय माता दी बोला कर तू जय माता दी,

सोते वक्त उठने से पहले.....

सब सुख पायेगा ये दास मन को बना ले माँ का मंदिर,

छोटी मोटी मुश्किल छोटी मोटी मुश्किल आ भी जाये,

तो मत डोला कर तू तू जय माता दी,

जय माता दी बोला कर तू जय माता दी,

सोते वक्त उठने से पहले.....

सोते वक्त उठने से पहले काम कोई करने से पहले,

ये शुभ काम किया कर तू ये शुभ काम किया कर,

सबसे पहले बस ये बोला कर तू जय माता दी,

जय माता दी बोला कर तू जय माता दी....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।