दीवाने हुए हम दीवाने हुए

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

दीवाने हुए हम, दीवाने हुए हम,

दीवाने हुए हम, दीवाने हुए हम,

कान्हा तेरे नाम के दीवाने हुए हम,

हाय

कन्हैया बस मेरा एक काम हो जाएँ,

हाय हाय

कन्हैया बस मेरा एक काम हो जाएँ,

तेरे दीवानों में हाय हाय,

तेरे दीवानों में मेरा भी नाम हो जाएँ,

कन्हैया बस मेरा एक काम हो जाएँ.....

तेरा सुंदर रूप लखा जब से,

तबसे हु कुछ खोया,

बेचैन हु चैन नही मिलता,

बीती रात नही सोया,

ओ नंद के प्यारे मुझे तू ना रुला,

दुनिया के लिए मैं बहुत रोया,

हाय हाय

कन्हैया बस मेरा एक काम....

गर तुमना करोगे तो कृपा कौन करेगा,

दामन मेरा तुम्हारे शिवा कौन भरेगा,

तुमने जो नजर फेर दी एक बार मेरी ओर,

मेरे हिर्दय की कलियां। मुस्कुरा के खिल जाए,

हाय हाय

कन्हैया बस मेरा एक काम....

दिल जलो से दिल्लगी अच्छी नही,

रोने वालो से हंसी अच्छी नही,

मैने तुमसे दिल लगाया क्या यही मेरी खता है,

दिल तोड़े तू किसीका ये बात अच्छी नही,

हाय हाय

कन्हैया बस मेरा एक काम....

मेरे टूटे दिल को उठाना पड़ेगा,

उठा के जिगर से लगाना पड़ेगा,

ये मान लिया कि मैं हु नही तेरे काबिल,

मुझे अपने काबिल बनाना पड़ेगा,

तेरे प्यार का मारा है मेरा,

मेरे सामने तुझको आना ही पड़ेगा,

हाय हाय

कन्हैया बस मेरा एक काम....

सबनम से क्या फूल खिले जब तक बरसात ना हो,

तेरी तस्वीर से क्या दिल भरे,

जबतक मुलाकात ना हो,

दिल को चैन नही मिलता दुनिया मे अब,

जबतक तुझसे अपने दिल की बात ना हो,

हाय हाय

कन्हैया बस मेरा एक काम....

झलक रुख की दिखाकर मुस्कुराकर लूट लेते हो,

निगाहों से निगाहै तुम मिला कर लूट लेते हो,

ये कैसी पर्दा डाली है, प्यासा तेरा सवाली है,

छुपा कर लूट लेते हो। दिखा कर लूट लेते हो,

हाय हाय

कन्हैया बस मेरा एक काम....

छुपते नही हो सामने आते नही हो तुम,

जलवा दिखा के जलवा दिखाते नही हो तुम,

जो अश्ल बात है वो बताते नही हो तुम,

ये दो दिलों के झगड़े क्यु मिटाते नही हो तुम,

हैरान हूं मेरे दिल मे समाये तुम किस तरह,

मैं जानता हूं इस जहाँ में समाते नही हो तुम,

हाय हाय

कन्हैया बस मेरा एक काम....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।