राखो लाज गोवर्धन महाराज

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्री गोवर्धन महाराज, आपकी महिमा भारी है,

भक्तो की राखो लाज, शरण जो आये थारी है।

तू मन मोहन का प्यारा,

ये जाने है जग सारा,

गुण गावे जो भी थारा, कट जाये विपदा सारी है,

श्री गोवर्धन महाराज, आपकी महिमा भारी है......

गिरवर ऊँगली में ठायो,

वर्षा से ब्रिज बचायो,

इंद्र का मान घटायो, मोहन गिरवर धारी है,

श्री गोवर्धन महाराज, आपकी महिमा भारी है......

मान सी गंगा में नहाते,

परिक्रमा भक्त लगाते,

तेरे दूध की धार चढ़ाते, जिनपे कृपा थारी है,

श्री गोवर्धन महाराज, आपकी महिमा भारी है......

जय हो गिरिराज धरण की,

दुख भंजन गोवर्धन की,

ये ही विनती है भूलन की, कट जाये भव बीमारी है,

श्री गोवर्धन महाराज, आपकी महिमा भारी है......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।