न ही राम कंही कम है न ही श्याम कही कम है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

न ही राम कहीं कम है न ही श्याम कहीं कम है ।

पाप बड़ा तो नर तन धार के श्री हरी ने है जन्म लिया ॥

राम गए बन बनवासी, श्याम बसे मथुरा काशी।

दुष्टो का संघार करे, भाव से बेडा पार करे ।

’सीता राधा नहीं कम है न ही श्याम कहीं कम है ॥

धर्म ध्वजा फहराई है, महिमा वेद में पाई है ।

दर्श मनोहर पाते है,हम जिनको अपनाते है ।

धन में देख कहाँ दम है न ही श्याम कहीं कम हैं ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।