दिवाली का त्यौहार है

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

दिवाली का त्यौहार है,

झूम उठा संसार है,

खुश सभी परिवार हैं,

अवधपुरी में जाकर देखो,

दीपों की कतार है.....

कोई आँगन लीप रहा है कोई करे पुताई है,

ख़ुशी ख़ुशी सब नारियों ने रंगोली सजाई है,

सजे सभी के द्वार हैं म झूम उठा संसार है,

खुश सभी परिवार हैं,

अवधपुरी में जाकर देखो,

दीपों की कतार है.....

चौदह बरस के बाद हमारे राम अयोध्या आये है,

राज तिलक जब हुआ प्रभु का नर नारी हर्षाये हैं,

गूंजे जय जयकार हैं झूम उठा संसार है,

खुश सभी परिवार हैं,

अवधपुरी में जाकर देखो,

दीपों की कतार है.....

घर की साफ़ सफाई करलो लक्ष्मी मैया आएँगी,

श्री गणेश भी साथ पधारे घर घर खुशियां छाएंगी,

ढंग से भरे भण्डार हैं झूम उठा संसार है,

खुश सभी परिवार हैं,

अवधपुरी में जाकर देखो,

दीपों की कतार है......

नगर नगर में गांव गांव में पटाखों का शोर है,

खुशियों के अनार फूटते देखो चारों और हैं,

मिठाई भी तैयार हैं झूम उठा संसार हैं,

खुश सभी परिवार हैं,

अवधपुरी में जाकर देखो,

दीपों की कतार है.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।