मालिक म्हारो साँवरियो

संजय मित्तल
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मालिक म्हारों साँवरियो,

बण गयो मैं तो चाकरियो,

चाकरियो चाकरियो,

साँवरिया को चाकरियो,

मालिक म्हारों साँवरियो,

बण गयो मैं तो चाकरियो......

जद से फिराई मोरछड़ी,

विपदा घर से दूर खड़ी,

गाड़ी म्हारी हाकणियो,

बण गयो मैं तो चाकरियो,

मालिक म्हारों साँवरियो,

बण गयो मैं तो चाकरियो.......

कलिकाल को महाबली,

चर्चा एकी की गली गली,

खाली ना जावे माँगनीयो,

बण गयो मैं तो चाकरियो,

मालिक म्हारों साँवरियो,

बण गयो मैं तो चाकरियो.......

अटल छत्र तेरी माया,

पार नहीं कोई पाया,

जीत गया है हारणियो,

बण गयो मैं तो चाकरियो,

मालिक म्हारों साँवरियो,

बण गयो मैं तो चाकरियो.......

बिन बोले सब करग्यो,

सेवा पाकर के तरग्यो,

श्याम के जैसो गावणियो,

बण गयो मैं तो चाकरियो,

मालिक म्हारों साँवरियो,

बण गयो मैं तो चाकरियो.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।