॥ पावन पाठ ॥
मेरे सत्गुरु आजाओ फेरा पा जाओ,
मेरे सतगुरु आजाओ फेरा पा जाओ....
तेरे दर्श दी अंखिया प्यासी,
जनम जनम की मैं हूँ दासी,
मेरे अंदर झांकी पा जाओ,
मेरे सत्गुरु आजाओ.......
मेरे सत्गुरु आजाओ फेरा पा जाओ,
मेरे सतगुरु आजाओ फेरा पा जाओ....