मैया जी मुझे दास बना लो

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मैया जी अपनी मुंडेर का,

मुझे कागा बना लो,

दिन रात कांं कां - ना ना,

दिन रात मां मां बोलूंगा.....

मैया जी अपनी चौखट का,

मुझे नंदी बना लो,

सबसे पहले दर मैं खोलूंगा,

दिन रात मां मां बोलूंगा....

मैया जी अपने आंगन का,

मुझे तोता बना लो,

तुम्हारी महिमा रटता डोलूंगा,

दिन रात मां मां बोलूंगा....

मैया जी अपने उपवन का,

मुझे कोयल बना लो,

मीठे राग सदा मैं बोलूंगा,

दिन रात मां मां बोलूंगा.....

मैया जी अपने भवन का,

मुझे मोर बना लो,

छम छम नाचता डोलूंगा,

दिन रात मां मां बोलूंगा.....

मैया जी अपने चरणों का,

मुझे दास बना लो,

राजीव को अपने चरणों का,

मैया जी दास बना लो ,

सदा चरणों का मैं होलूंगा,

दिन रात मां मां बोलूंगा.....

©राजीव त्यागी

नजफगढ़ नई दिल्ली

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।