श्री श्याम कली अवतारी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ॐ श्री श्याम देवाय नमः

ॐ श्री श्याम देवाय नमः

हर्ष मनाओ मंगल गाओ करलो स्वागत की तैयारी,

प्रगटे भीमसेन के लाडेसर श्री श्याम कली अवतारी,

दर्शन को अँखियाँ तरस रही,

फूलों की वर्षा बरस रही,

कर माणक मोती दान थाली में भर भर भर महतारी,

हर्ष मनाओ मंगल गाओ......

बड़ा ही अद्भुत गज़ब निराला अहिलवती का लाला है,

सुन्दर बृगटी नयन विशाला मन गोरा तन काला है,

घुंघराली लट नागन सी लटके कानो पीछे काली,

गोविंदा आला रे .... गोविंदा आला रे.....

युद्ध देखने महाभारत का माता से आशीष लिया,

श्री कृष्ण से वचन बढ़ हो महाभारत में शीश दिया,

वर पाया कृष्ण से अजर अमर का जय जय जय दातारी......

खाटू धाम बिराजे कलयुग के राजा कहलाते हो,

दर पे आये दीं दुखी के बिगड़े काम बनाते हो,

तेरी शरण में आया गोलू बाबा रखना लाज हमारी,

हर्ष मनाओ मंगल गाओ करलो स्वागत की तैयारी,

महाभारत के महायोद्धा की गाथा सबको बतानी है,

देश विदेश के बच्चों तक ये बात हमें पहुंचनी है,

कलयुग में हारे का सहारा केवल शीश का दानी है.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।