सची कहू थारे आने से म्हारे जीवन में आई बहार बाबा,

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सची कहू थारे आने से म्हारे जीवन में आई बहार बाबा,

किस्मत सवरगी हालत सुधर गई इतना मिलो थारो प्यार बाबा,

पतजढ़ सा जीवन में शाई खुशहाली,

होली सा दिन होगा राता दिवाली,

के के बातावा मैं तो मनवा बारह महीने तोहार बाबा,

सची कहू थारे आने से म्हारे जीवन में आई बहार बाबा,

जिसे मिला लागे थारो दीवानों,

पहली जलक में लगो जानो पहचानो,

हिवड़ो जो खिल गियो मने मिल गियो,

इतनो बड़ो परिवार बाबा,

सची कहू थारे आने से म्हारे जीवन में आई बहार बाबा,

जीवन बदन पे बाबा मैं जग सु मैं पहनू,

भगती की चुनर भजना को गहनों,

कैसो सजाया दुनिया में बायो,

एसो कियो सिंगार बाबा,

सची कहू थारे आने से म्हारे जीवन में आई बहार बाबा,

पत्थर को छु लियो तो परस बना दियो,

दीया की लोह ने सूरज बना दियो,

रजनी भी मानी सोनू ने जनि लीला को थारी नापार बाबा,

सची कहू थारे आने से म्हारे जीवन में आई बहार बाबा,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।