मोहे कान्हा नजर नहीं आवे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

राधा रानी फोन पर फोन मिलावे,

मोहे कान्हा नजर नहीं आवे....

पहले फोन मीरा ने मिलायो,

सुनते ही कान्हा दौड़ो चलो आयो,

कान्हा पल में अमृत बनावे पर मेरा फोन ना उठावे,

राधा रानी फोन पर फोन मिलावे.....

दूजो फोन द्रोपति ने मिलायो,

सुनते ही कान्हा दौड़ो चलो आयो,

कान्हा पल में चीर बढ़ावे पर मेरा फोन ना उठावे,

राधा रानी फोन पर फोन मिलावे.....

तीजो फोन नरसी ने मिलाय़ो,

सुनते ही कान्हा दौड़ो चलो आयो,

कान्हा पल में भात भरावे पर मेरा फोन ना उठावे,

राधा रानी फोन पर फोन मिलावे.....

चौथा फोन हरिश्चंद्र ने मिलायो,

सुनते ही कान्हा दौड़ो चलो आयो,

कान्हा पल में घड़ा उठावे पर मेरा फोन ना उठावे,

राधा रानी फोन पर फोन मिलावे.....

पांचवा फोन मोरध्वज ने मिलायो,

सुनते ही कान्हा दौड़ो चलो आयो,

कान्हा पल में लाल बचावे पर मेरा फोन ना उठावे,

राधा रानी फोन पर फोन मिलावे.....

छठवां फोन भक्तों ने मिलायो,

सुनते ही कान्हा दौड़ो चलो आयो,

कान्हा पल में दर्द दिखावे पर मेरा फोन ना उठावे,

राधा रानी फोन पर फोन मिलावे.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।