बोल गौरा बोल तुझको क्या चाहिए

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

बोल गौरा बोल तुझको क्या चाहिए,

क्या चाहिए गौरा क्या चाहिए,

बोल गौरा बोल तुझको क्या चाहिए.....

ना भोले तेरे महल अटारी ताना मारे लक्ष्मी,

हम को तो भोले जी एक महल चाहिए,

बोल गौरा बोल तुझको क्या चाहिए.....

ना भोले तेरे लहंगा साड़ी ताना मारे लक्ष्मी,

हमको तो भोले जी लाल चुनरी चाहिए,

बोल गौरा बोल तुझको क्या चाहिए.....

ना भोले तेरे बैड रजईया ताना मारे लक्ष्मी,

हमको तो रजईया मखमल वाली चाहिए,

बोल गौरा बोल तुझको क्या चाहिए.....

ना भोले तेरे हीरा मोती ताना मारे लक्ष्मी,

हम को तो भोले जी एक हार चाहिए,

बोल गौरा बोल तुझको क्या चाहिए.....

ना भोले तेरे घोड़ा गाड़ी ताना मारे लक्ष्मी,

हमको तो भोले जी एक कार चाहिए,

बोल गौरा बोल तुझको क्या चाहिए.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।