ग्यारस के दिन तुलसा ना तोड़ो

पारंपरिक
विष्णु भगवान भजन विविध भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

ग्यारस के दिन तुलसा ना तोड़ो,

हरि के चरण कभी मत छोड़ो.....

मात पिता और प्रभु हमारे,

यह तीनों हे पालनहारे,

इनकी सेवा कभी ना छोड़ो प्रभु के चरण कभी मत छोड़ो....

तेरी मेरी निशदिन करता,

दुजे का सुख देखते जलता,

बुरी है आदत इसको छोड़ो हरि के चरण कभी मत छोड़ो.....

धर्म-कर्म और ज्ञान की बातें,

यह सब जीवन सुखी बनाते,

सतसंगत से नाता जोड़ो हरि के चरण कभी मत छोड़ो......

जैसी करनी वैसा फल है,

आज नहीं तो निश्चित कल है,

शुभ कर्मों से नाता जोड़ो हरि के चरण कभी मत छोड़ो.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।