जय श्री राम जय हनुमान

पारंपरिक
हनुमान जी भजन राम भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

जय श्री राम, जय हनुमान, जय श्री राम, जय हनुमान,

आओ आओ सब मिल आओ, मिलकर एक आवाज लगाओ,

सोया राष्ट्र जगा दो,

अब इतिहास बना दो, अब इतिहास बना दो,

जय श्री राम, जय हनुमान, जय श्री राम, जय हनुमान......

गली गली एक नारा होगा, जय श्री राम, जय श्री राम,

मंदिर वहीँ तुम्हारा होगा, जय श्री राम, जय श्री राम,

जात पात अब नहीं सहेंगे, जय श्री राम, जय श्री राम,

मिलकर हम सब साथ रहेंगे, जय श्री राम, जय श्री राम,

ये सन्देश पहुँचा दो,

अब इतिहास बना दो, अब इतिहास बना दो,

जय श्री राम, जय हनुमान........

राम मंदिर की करो तैयारी, जय श्री राम, जय हनुमान,

जहाँ पे जन्मे अवध बिहारी, जय श्री राम, जय श्री राम,

देखो प्रभु की लीला न्यारी, जय श्री राम, जय श्री राम,

आये हैं अब भगवा धारी, जय श्री राम, जय श्री राम,

भगवा ध्वज फहरा दो,

अब इतिहास बना दो, अब इतिहास बना दो,

जय श्री राम, जय हनुमान, जय श्री राम, जय हनुमान........

और कितने इम्तिहान दोगे, जय श्री राम, जय श्री राम,

कितने और बलिदान दोगे, जय श्री राम, जय श्री राम,

सबक सीखा दो गद्दारों को, जय श्री राम, जय श्री राम,

देश के इन ठेकेदारों को, जय श्री राम, जय श्री राम,

अब हुंकार लगा दो,

अब इतिहास बना दो, अब इतिहास बना दो,

जय श्री राम, जय हनुमान, जय श्री राम, जय हनुमान.......

भारत माँ की आन ना जाए, जय श्री राम, जय श्री राम,

पूनम देश की शान ना जाए, जय श्री राम, जय श्री राम,

देखो पीछे हट मत जाना, जय श्री राम, जय श्री राम,

अभिमन्यु की जान बचाना, जय श्री राम, जय श्री राम,

ये विश्वाश जगा दो,

अब इतिहास बना दो, अब इतिहास बना दो,

जय श्री राम, जय हनुमान, जय श्री राम, जय हनुमान,

जय श्री राम, जय हनुमान, जय श्री राम, जय हनुमान,

आओ आओ सब मिल आओ, मिलकर एक आवाज लगाओ,

सोया राष्ट्र जगा दो,

अब इतिहास बना दो, अब इतिहास बना दो,

जय श्री राम, जय हनुमान, जय श्री राम, जय हनुमान.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।