थारे मन मे सीताराम

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

लाग लपेट से हेट करूँ मैं,

सीधी बात बताऊँ,

सौ परसेंट भगत मैं थारों,

खड़ताल बजा के गाउँ......

थारे मन में सीताराम,

म्हारे मन में थारो डेरो,

इब मेरो दुनिया से के काम,

सिग्नल जुड़ गयो थारो मेरो,

थारे मन मे सीताराम,

म्हारें मन में थारो डेरो.......

सालासर में घर बणवा दे,

ओ सालासर वाले,

नौकर तेरा कहण लगे,

इब मन्ने मेरे घर वाले,

थारे मंदिर में हो शाम,

जागे मेरो यही सवेरो,

थारे मन मे सीताराम,

म्हारें मन में थारो डेरो......

बालाजी महाराज मैं थारे,

पाछे पाछे डोलूँ,

कदी हंसु देख देख थने,

कदी प्रेम में रोलू,

पागल पड़ गया म्हारा नाम,

बाबा है की नी तन्ने बेरो,

थारे मन मे सीताराम,

म्हारें मन में थारो डेरो......

साल कई हो लिए रे बाबा,

सालासर में आते,

इब तो खुलगे होंगे तेरे,

बैंक में मेरे खाते,

दे मन्ने भक्ति का इनाम,

बाकी तेरो दियो भतेरो,

थारे मन मे सीताराम,

म्हारें मन में थारो डेरो......

थारे मन में सीता राम,

म्हारे मन में थारो डेरो,

इब मेरो दुनियां से के काम,

सिग्नल जुड़ गयो थारो मेरो,

थारे मन मे सीताराम,

म्हारें मन में थारो डेरो......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।