ओ जी ओ मिजाजी म्हारां सांवरिया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ओल्यू आवे सांवरा,

ओ मनड़े रा मीत,

नैन मिला भरमा ग्यो,

क्यों परखो म्हारी प्रीत.....

ओ जी ओ मिजाजी,

म्हारां सांवरिया,

ओ जी ओ मिजाजी,

म्हारां सांवरिया,

थारी बाबा ओल्यू आवै,

बेगा आओ जी साँवरा,

ओ जी ओ मिजाजी,

म्हारां सांवरिया......

थानें तो मनावा घणां चाव सूं,

थे हँस हँस कण्ठ लगाओ,

ना तरसाओ जी, साँवरा,

ओ जी ओ मिजाजी,

म्हारां सांवरिया.....

ई दुनिया सूं न्यारो थारो, देवरो,

थे रतन सिंघासन बैठ्या,

हुकुम सुनाओ जी, सांवरा,

ओ जी ओ मिजाजी,

म्हारां सांवरिया.....

नैणा माहीं छलके थारो नेहड़ो,

थारा टाबरिया रा अटक्या,

काम बणाओ जी, सांवरा,

ओ जी ओ मिजाजी,

म्हारां सांवरिया......

भूल्या थारा बालकिया ने नाहीं सरे,

थारी जादूगारी मुरली,

आज बजाओ जी, सांवरा,

ओ जी ओ मिजाजी,

म्हारां सांवरिया......

भूल्योड़ा भटक्या ने थारो आसरो,

म्हारी नैया नाथ पुराणी,

पार लगाओ जी, सांवरा,

ओ जी ओ मिजाजी,

म्हारां सांवरिया......

जागरणो ग्यारस की चांदनी रात को,

कोई बारस ने थे खीर चूरमो,

खाओ जी, सांवरा,

ओ जी ओ मिजाजी,

म्हारां सांवरिया......

जिम्या पाछे थारा हाथ धुवायस्या,

कोई ल्यो दो बीड़ा मगही पान,

चबाओ जी, सांवरा,

ओ जी ओ मिजाजी,

म्हारां सांवरिया.......

शर्मा काशीराम थारो बालकीयो,

थारा कह्या कह्या हुकुम उठावे,

यूँ ही फरमाओ जी, सांवरा,

ओ जी ओ मिजाजी,

म्हारां सांवरिया.......

ओ जी ओ मिजाजी,

म्हारां सांवरिया,

ओ जी ओ मिजाजी,

म्हारां सांवरिया,

थारी बाबा ओल्यू आवै,

बेगा आओ जी साँवरा,

ओ जी ओ मिजाजी,

म्हारां सांवरिया......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।