तेरी कृपा से अम्बे मैया पूरे होते काज मेरे

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

तेरी आँचल जैसी छाया माना सावन की घटाओ में,

तेरी ह्रदय सी ठंडक ना बर्फीली किसी गुफाओ में,

सारे जग में दूर दूर तक गूंजे जयकारे तेरे,

तेरी कृपा से अम्बे मैया पूरे होते काज मेरे,

तेरी कृपा से अम्बे मैया पूरे होते काज मेरे.....

तेरी ज्योति मेरे ह्रदय में अन्धकार मेरा सब दूर हुआ,

ऐसी कृपा तेरी माँ पाप लोभ सब दूर हुआ,

तेरे सन्मुख तेरे गाऊं भेंट ऐसे जागे भाग्य मेरे,

तेरी कृपा से अम्बे मैया पूरे होते काज मेरे.....

जब भी लड़खड़ाया मैं मैया साथ तुम्हे है पाया,

कड़ी धुप और बारिश में मिली तेरे चुनरी की छाया,

हो शिव की शक्ति तुम ब्रह्मा विष्णु गुणगान करें,

तेरी कृपा से अम्बे मैया पूरे होते काज मेरे.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।