जय हो बाबा मोहन राम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बाबा जी बाबा जी मोहनराम मेरे घर आना जी,

सबसे पहले हमने बाबा तेरा दर्शन पाना,

दर्शन पा कर बाबा तेरा भोग लगाना,

बाबा जी बाबा जी.....

आया हु मैं तेरी चौखट पे थोड़ा रहम दिखा दे,

खोली वाले बाबा मेरे सोए भाग जगा दे,

तेरे नाम का बाबा मैने भंडारा करवाया,

भंडारा करवा के बाबा तेरा भोग लगाया,

बाबा जी बाबा जी.....

वृंदावन की छोरी के संग तूने रास रचाए,

मीरा के मन को गोपाला तू ही तू है भाए,

बचपन का तेरा यार सुदामा,

द्वार तुम्हारे आए,

सोप दिया त्रिलोक ये सारा जो रुकमण ना आए,

बाबा जी बाबा जी.....

लीले घोड़े वाले बाबा कैसी है तेरी माया,

धरती के इस कण कण में है बाबा तू ही समाया,

निर्धन को है देता माया, कोढी को काया,

बांझन भी लाल खिलाने को द्वार तुम्हारे आया,

बाबा जी बाबा जी.....

जगमग ज्योत जले मंदिर में, बाबा जी यो तेरी,

पर्वत उपर आसन तेरा जिसमे आस है गहरी,

कहता है राहुल यादव मत ना करियो देरी,

अजब बैसला ने कलम उठा के लिखी लेखनी तेरी,

बाबा जी बाबा जी.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।