त्रिलोकपुर भवन बनाया

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

त्रिलोकपुर भवन बनाया,

तेरी जय हो बाला सुन्दरी माँ,

तेरी जय हो बाला सुन्दरी माँ,

तेरी जय हो बाला सुन्दरी माँ,

त्रिलोकपुर भवन बनाया,

तेरी जय हो बाला सुन्दरी माँ....

जो तेरी ज्योत जगाएं,

चरणो मे शीश झुकाए,

मुंह मांगा फल वो पाए,

तूने बिगड़ा भाग्य बनाया माँ,

त्रिलोकपुर भवन बनाया,

तेरी जय हो बाला सुन्दरी माँ.....

लगे तेरे भवन पे मेले,

नाचे भक्त तेरे अलबेले,

लग रहे तेरे जयकारे,

दुनिया को दर्शन को आई माँ,

त्रिलोकपुर भवन बनाया,

तेरी जय हो बाला सुन्दरी माँ.....

भक्तो के दुखड़े हरती,

सबके भंडारे भरती,

तू सबकी रक्षा करती,

जो तेरी शरण में आया माँ,

त्रिलोकपुर भवन बनाया,

तेरी जय हो बाला सुन्दरी माँ.....

करू पुष्प तुझे में अर्पित,

मेरा जीवन तेरे समर्पित,

सिंगला है तेरा बालक,

ये भी दर्शन को आया माँ,

त्रिलोकपुर भवन बनाया,

तेरी जय हो बाला सुन्दरी माँ.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।