आजा होके लीले पे असवार

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बड़ा सुन्दर सजा है दरबार,

आजा होके लीले पे असवार....

हो देखो गणपत जी बैठे आसन जमा के,

और हनुमंत जी बैठे पहरा लगा के,

आये सालासर सरकार,

हो आजा होके लीले पे असवार,

बड़ा सुन्दर सजा है दरबार,

आजा होके लीले पे असवार....

हो देखो नारद जी बैठे वीणा बजाए,

और ज्वाला मैया बैठी है ज्योति जगाएं,

कहां रह गए लखदातार,

हो आजा होके लीले पे असवार,

बड़ा सुन्दर सजा है दरबार,

आजा होके लीले पे असवार.....

देखो सुन्दर बड़ा दरबार सजाया,

और भक्तो ने छप्पन भोग मंगाया,

तुम आके करो स्वीकार,

हो आजा होके लीले पे असवार,

बड़ा सुन्दर सजा है दरबार,

आजा होके लीले पे असवार....

बाबा भक्त तेरे तेरा रास्ता देखे,

शीश झुकाए और माथा टेके ,

तेरा सिंगला करे इंतजार,

हो आजा होके लीले पे असवार,

बड़ा सुन्दर सजा है दरबार,

आजा होके लीले पे असवार....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।