है शिव भोले मुझपर दो ऐसा रंग चढ़ाय

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

हे शिव भोले मुझपर दो ऐसा रंग चढ़ाय,

रोम रोम मेरा शिव बोले, मन बोले नमःशिवाय.....

हे शिव शंकर, हे करुणाकर, हे त्रिभुवन के स्वामी,

हे रामेश्वर, जय महाकाल, श्री नागेस्वर अन्तर्यामी,

हे बैधनाथ, हे सोमनाथ, तुम भोले दिगम्बराय,

रोम रोम मेरा शिव बोले, मन बोले नमःशिवाय,

हे शिव भोले मुझपर....

मन मेरा शिवाला हो, ओर दिल मे हो तेरी मूरत,

जब जब भी आंखे खोलू, मेरे सामने तेरी हो सूरत,

अब रहे न तुमसे दूरी, कर दो ऐसा उपाय,

रोम रोम मेरा शिव बोले, मन बोले नमःशिवाय,

हे शिव भोले मुझपर....

स्वार्थ भरी दुनिया मे भोले, एक आसरा तेरा,

पक्का है विश्वास मुझे, तू भर देगा दामन मेरा,

दिलबर दिल से दिल का, ये तार जुड़ जाय,

रोम रोम मेरा शिव बोले, मन बोले नमःशिवाय,

हे शिव भोले मुझपर....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।