मां ज्योतावाली का सुमिरन होगा

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मां ज्योतावाली का सुमिरन होगा,

पावन हिर्दय का कण कण होगा,

प्यारा प्यारा सुंदर अपना जीवन होगा,

रोशन हिर्दय का कण कण होगा.....

हिर्दय के सिंहासन पर मैया को बैठाएंगे,

श्रद्धा के फूल मां की चरणों में चढ़ाएंगे,

पूजन में अर्पण ये तन मन होगा,

रोशन हिर्दय का कण कण होगा.....

माता तो फिर माता है ओ ममता बरसाएगी,

गोद में बिठायेगी और खूब दूलरायेगी

करुणा लुटाता मां का दामन होगा

रोशन हिर्दय का कण कण होगा.....

भारी करिश्मा है मेरी मैया की दुहाई में,

खुशियां नाचेंगी हरदम नीरस अंगनाई में,

पल- पल परम प्रिय पावन होगा,

रोशन हिर्दय का कण कण होगा.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।