टूट ना जाये कही सांसो की माला

पारंपरिक
अन्य भजन विविध भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

टूट ना जाये कही सांसों की माला,

इसको संभालना रे,

चरु के राजा अपनी कृपा नजरिया,

भक्तो पे डालना रे,

बाबोसा ओ मेरे बाबोसा....

अनमोल मोती ये बिखर ना जाये,

एक बार टूटे, फिर हाथ ना आये,

प्रेम के मोती प्रीत की डोरी,

कभी भी ना तोड़ना रे,

बाबोसा ओ मेरे बाबोसा....

धन दौलत ये माल खजाना,

झूठा है बाबा सारा जमाना,

छोड़ के आया रिस्ते नाते,

बंधन ये जोड़ना रे,

बाबोसा ओ मेरे बाबोसा.....

दिल मे बसालु तुझे ओ दिलबर,

तेरे दर का बनु में चाकर,

जब भी जन्म लू मिले साथ तेरा,

संग ना छोड़ना रे,

बाबोसा ओ मेरे बाबोसा.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।