माखन खा मिश्री मैं दूंगी ये मोहन तेरे लिए

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

माखन खा मिश्री मैं दूंगी ये मोहन तेरे लिए.....

एक तो गर्मी का मौसम दूसरे पंखा नहीं,

सिर से टपके है पसीना ये मोहन तेरे लिए,

माखन खा मिश्री मैं दूंगी ये मोहन तेरे लिए.....

एक तो सर्दी का मौसम दूसरे कम्बल नहीं,

ठंड से धड़के कलेजा ये मोहन तेरे लिए,

माखन खा मिश्री मैं दूंगी ये मोहन तेरे लिए.....

एक तो बारिश का मौसम दूसरे छाता नहीं,

भींगे मेरी लाल चुनरिया ये मोहन तेरे लिए,

माखन खा मिश्री मैं दूंगी ये मोहन तेरे लिए.....

एक तो सावन का महीना दूसरे झूला नहीं,

तिरछी है तेरी नजरिया ये मोहन तेरे लिए,

माखन खा मिश्री मैं दूंगी ये मोहन तेरे लिए.....

एक तो फागुन महीना दूसरे रंग गुलाल नहीं,

मिलने को आजा सांवरिया ये मोहन तेरे लिए,

माखन खा मिश्री मैं दूंगी ये मोहन तेरे लिए.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।