कैसे मोहे मिलेंगे राम

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

मोहे कैसे मिलेंगे राम,

कैसे मोहे मिलेंगे राम.....

शीश झुका और जा शरण में,

मुख से ले हरि का नाम,

ऐसे मिलेंगे राम,

मिलेंगे ऐसे राम.....

मोहे कैसे....

नैना देखें जो, मोहनी सूरत,

मन में सदा बसे वो मूरत,

छवि उनकी नयनाभिराम,

ऐसे मिलेंगे राम,

मिलेंगे ऐसे राम....

कैसे मोहे....

हाथ जोड़

कर प्रणाम,

दे बड़ों को मान,

खोल हाथ और

कर तू दान,

ऐसे मिलेंगे राम,

मिलेंगे ऐसे राम....

राजीव तुझे,

ऐसे मिलेंगे राम,

मिलेंगे तुझे ऐसे राम.....

© राजीव त्यागी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।