रे मन चल बरसाने धाम

सर्व मोहन (टीनू सिंह)
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

( ब्रज मंडल की रास स्वामिनी,

राधा रानी सरकार,

राधा राधा कण कण बोले,

हो रही जय जयकार,

बरसाने की शोभा कहु क्या,

कहे कहीं ना जाये,

मधुप हरि बरसाने बरसत,

राधा रस रास। )

रटते रटते राधा नाम,

रे मन चल बरसाने धाम,

राधा राधा राधा राधा...,,

रे मन चल बरसाने धाम,

रे मन चल बरसाने धाम,

रटते रटते राधा नाम,

रे मन चल बरसाने धाम.....

ऊँचे टहल अटारी वाली,

श्री राधे बृषभानु दुलारी,

बरसानो है ब्रज सुखधाम,

रे मन चल बरसाने धाम,

राधा राधा राधा राधा,

रटते रटते राधा नाम,

रे मन चल बरसाने धाम.....

श्री जी कृपा से हो यहाँ आना,

रीचे स्वामिनी मिले ठिकाना,

ऐसो धाम सा ना कोई धाम,

रे मन चल बरसाने धाम,

राधा राधा राधा राधा,

रटते रटते राधा नाम,

रे मन चल बरसाने धाम.....

राधा रानी के बरसाने,

चहु और है दर्श सुहाने,

श्यामा श्याम के लीला धाम,

रे मन चल बरसाने धाम,

राधा राधा राधा राधा,

रटते रटते राधा नाम,

रे मन चल बरसाने धाम.....

मधुप हरि नन्द लाल कन्हैया,

नित् आवे यहाँ बंसी बजईया,

रस जहां बरसे आठों याम,

रे मन चल बरसाने धाम,

राधा राधा राधा राधा,

रटते रटते राधा नाम,

रे मन चल बरसाने धाम.....

(सर्वाधिकार लेखक आधीन सुरक्षित। भजन में अदला बदली या शब्दों से छेड़-छाड़ करना सख्त वर्जित है)

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।