तेरी चौखट से श्री राधे मुझे कही और ना जाना है

सर्व मोहन (टीनू सिंह)
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तेरी चौखट से श्री राधे,

मुझे कही और ना जाना है,

यही जीना यही मरना,

यही अंतिम ठिकाना है,

तेरी चौखट से श्री राधे,

मुझे कही और ना जाना है...

फिजाये बंदगी तेरी,

मुझे यहाँ खींच लायी है,

और...

आ गया रास है मुझको,

धाम तेरा बरसाना है,

तेरी चौखट से श्री राधे,

मुझे कही और ना जाना है...

मुझे निज सेवा में रखलो,

यही बस आरझु मेरी,

ज़िंदगी भर लाडली जु,

अब तो तुमको रिझाना है,

तेरी चौखट से श्री राधे,

मुझे कही और ना जाना है...

तेरे दर से किशोरी जु,

'मधुप' ने सब कुछ पाया है,

तेरी इन मेहरबानियों का,

हमेशा ही शुकराना है,

तेरी चौखट से श्री राधे,

मुझे कही और ना जाना है...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।