मुझे देने दर्शन आज

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

मुझे देने दर्शन आज,

मेरे गणपति जी गणराज,

मेरे अंगना पधारो,

नाथ मेरे अंगना पधारो....

विघ्न विनाश हरने वाले,

पूरा काज करने वाले,

पूर्ण करो मेरे काज,

मेरे अंगना पधारो,

स्वामी मेरे अंगना पधारो,

मुझे देने दर्शन आज.....

रिद्धि सिद्धि के तुम स्वामी,

मंगल कर्ता अंतर्यामी,

तीनों लोकों में तुम्हारा राज,

मेरे अंगना पधारो,

भगवन मेरे अंगना पधारो,

मुझे देने दर्शन आज.....

दास तुमसे करे ये विनती,

राजीव तुमसे करे ये विनती,

सांसों की मेरे चाहे,

जितनी बची हो गिनती,

उनमें समाए रहना सरताज,

मेरे अंगना पधारो,

देव मेरे अंगना पधारो,

मुझे देने दर्शन आज.....

भक्तों की रखने लाज,

देने दर्शन आज,

हमारे अंगना पधारो,

गणपति गणराया गणराज,

हमारे अंगना पधारो,

हमारे अंगना पधारो,

नाथ हमारे अंगना पधारो,

मुझे देने दर्शन आज......

©राजीव त्यागी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।