श्री श्याम अरदास

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हाथ जोड़ विनती करूं सुणियों चित्त लगाय,

दास आ गयो शरण में रखियो इसकी लाज,

धन्य ढूंढारो देश हैं खाटू नगर सुजान,

अनुपम छवि श्री श्याम की, दर्शन से कल्याण,

श्याम श्याम मैं रटूं श्याम है जीवन प्राण,

श्याम भक्त जग में बड़े उनको करूँ प्रणाम…..

खाटू नगर के बीच में बण्यों आपको धाम,

फाल्गुन शुक्ला मेला भरे जय जय बाबा श्याम,

फाल्गुन शुक्ला द्वादशी उत्सव भारी होए,

बाबा के दरबार से खाली जाये न कोय,

उमा पति लक्ष्मी पति सीता पति श्री राम,

लज्जा सब की रखियो खाटू के बाबा श्याम…..

पान सुपारी इलायची इत्तर सुगंध भरपूर,

सब भक्तों की विनती दर्शन देवो हुजूर,

आलू सिंह तो प्रेम से धरे श्याम को ध्यान,

श्याम भक्त पावे सदा श्याम कृपा से मान,

हाथ जोड़ विनती करूँ सुणियों चित्त लगाय…..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।