सबसे ऊंची बाबा की सरकार

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन दुर्गा भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सबकी मुरादे पूरी करता है,

सबकी किसमत को ये बदलता है,

मेरे खाटू के श्याम का भगतो,

जमाने भर में सिक्का चलता है…...

जो डूबो हुओ का किनारा है,

सभी का जो सहारा है, कहो वो कौन है भगतो,

क्या उसका नाम प्यारा है….श्याम….श्याम,

नहीं है दुनिया मे कोई, ऐसा दरबार देखिये,

सबसे ऊँची मेरे बाबा की सरकार देखिये….

बड़ा सज्जा है ये दरबार, बड़ी सच्ची है ये सरकार,

यहाँ आकर के किसी की भी, नहीं होती कभी भी हार,

नगर खाटू में इसका धाम, जमाने भर मे इसका नाम,

यही पर ही बनाते है, मेरे बाबा सभी के काम,

यूँही नहीं पुंजता पुरा संसार देखिये

सबसे ऊँची मेरे बाबा की सरकार देखिये….

कहे कोई शीश का दानी, कोई कहता है लखदातार,

बड़ी मशहूर है जग में मेरे बाबा की है सरकार,

सहारा है ये हारो का, हाँ जी किस्मत के मारो का,

मोरवी लाल ये प्यारा है, धारी ये तीण बाणो का,

आके शरण में इनकी एक बार देखिये,

सबसे ऊँची मेरे बाबा की सरकार देखिये….

सेठो का सेठ मेरा श्याम, जनता सारा ही आवाम,

खुशी से झोली भरता है, मुश्किले करता है आसान,

दया जिसपर लूटाता है, उसकी किसकी बनाता है,

यहाँ से कोई कभी भी “शर्मा” खाली ना जाता है,

नहीं है कोई इसके जैसा, साहूकार देखिये,

सबसे ऊँची मेरे बाबा की सरकार देखिये….

नहीं है दुनिया मे कोई, ऐसा दरबार देखिये,

सबसे ऊँची मेरे बाबा की सरकार देखिये….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।