हेलो सुन लीजे ज्वाला मैया

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

हेलो सुन लीजे,

हेलो सुन लीजे ज्वाला मैया झाँक,

ल्याई छूं थारे लाल चुनड़ी,

लाल चुनड़ी मैया लाल चुन्दड़ी,

ल्याई छूं थारे लाल चुनड़ी,

हेलो सुन लीजे ज्वाला मैया झाँक,

ल्याई छूं थारे लाल चुनड़ी……..

मैया थारां चरणां में,

आई छुं लज्जा राख,

बतावे म्हारी सासु बांझडी,

बतावै सासु बांझडी,

हेलो सुन लीजे ज्वाला मैया झाँक,

ल्याई छूं थारे लाल चुनड़ी......

कई देवी देवता ने,

आई छुं मैं धोक,

नणद गाला काढ़े तगड़ी,

गाल्या काढ़े तगड़ी,

नणद गाला काढ़े तगड़ी,

हेलो सुन लीजे ज्वाला मैया झाँक,

ल्याई छूं थारे लाल चुनड़ी....

म्हारी द्योरानी जेठाणी,

काढ़े आँख,

मारे छै ताना घड़ी हे घड़ी,

घड़ी हे घड़ी,

मारे छै ताना घड़ी हे घड़ी,

हेलो सुन लीजे ज्वाला मैया झाँक,

ल्याई छूं थारे लाल चुनड़ी......

थारे भैरुँ के चढ़ाऊ,

बकरो एक,

बना दे म्हारी बात बिगड़ी,

बात बिगड़ी,

मैया म्हारी बात बिगड़ी,

हेलो सुन लीजे ज्वाला मैया झाँक,

ल्याई छूं थारे लाल चुनड़ी......

हनुमान सहाय की,

राख लीजे टेक,

गावे छे कंचन,

खड़ी हे खड़ी,

हेलो सुन लीजे ज्वाला मैया झाँक,

ल्याई छूं थारे लाल चुनड़ी.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।