रानी राधा का दिल तोड़ गए कन्हैया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ऐ री सखी मनमोहन तो मुरली को बजा के चले गये,

मैं सोयी थी सुख निदिया में वो मुझे जगा के चले गये,

मैंने कहा प्रभु ठहरिये तो वो सर को हिला कर चले गये,

उनको तो सूझी वही हंसी वो मुझे रुला कर चले गये.....

कंधे पे काली कावल ओढ़ गये कन्हैया ,

रानी राधा का दिल तोड़ गये कन्हैया,

रोते और बिलखते हमको छोड़ गये कन्हैया,

रानी राधा का दिल तोड़ गये कन्हैया....

वेदना सही ना जाए विरहा ने भुना है,

श्याम के बिना ब्रज लगे हमें सुना सुना है,

कोन सी खता पे मुखड़ा मोड़ गये कन्हैया,

रानी राधा का दिल तोड़ गये कन्हैया....

आजा श्याम प्यारे ये नैना थक़ गये है,

राह देखते देखते ये पलक पक गये है,

कहानी में कैसा मोड़ दे गये कन्हैया,

रानी राधा का दिल तोड़ गये कन्हैया....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।