जबलपुर की गली गली में गूंजेगा जयकारा

पारंपरिक
महादेव भजन दुर्गा भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

जबलपुर की गली गली में गूंजेगा जयकारा,

जय जय काली काली जय महाकाली,

जबलपुर की गली गली में गूंजेगा जयकारा ,

जय जय काली काली जय महाकाल.....

दूर-दूर से देखने आए मैया जी का रूप निराला,

लट छिटकाए जीभ निकालें, आंखो से है निकले ज्वाला,

भीड़ लगे भक्तों की भारी, जय जय काली जय महाकाली....

पूजा होती संज़ सकारे, गुजे माँ के जय जय कारे,

जो जन आए माँ के द्वारे होते उनके बारे न्यारे,

आते है दरपे रोज सवाली, जय जय काली जय महाकाली....

हरे हरे निबुया जसुन माला, हाथ खड़क तिरशूल निराला,

गाले विराजे मुंडन माला, हाथ में खप्पड़ लहू का प्याला,

दीपराज की माँ रखवाली जय जय काली जय महाकाली.....

जबलपुर की गली गली में गूंजेगा जयकारा,

जय जय काली काली जय महाकाल,

जय जय काली काली जय महाकाल,

जय जय काली काली जय महाकाल......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।