जय माँ कालका

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

जय माँ कालका,

जय माँ कालका,

जय माँ कालका,

जय माँ कालका....

वही कालका मैया जिनकी चाल निराली है,

वही वैष्णो वही ज्वाला वही माँ काली है,

जय माँ कालका जय माँ कालका,

जय माँ कालका जय माँ कालका.....

सोमवार को पार्वती दुखड़े सबके हरति है,

मंगलवार को लांगुर सबको सुख दिलवाती है,

जिसके दर पे आने वाला गया न खाली है,

वही वैष्णो वही ज्वाला वही माँ काली है,

जय माँ कालका जय माँ कालका,

जय माँ कालका जय माँ कालका....

बुधवार को जो भी आये कष्टों को दूर भगाये,

वीरवार को आने वाला अन धन लेके जाये,

श्रद्धा से जो मांगे सब कुछ देने वाली है,

वही वैष्णो वही ज्वाला वही माँ काली है,

जय माँ कालका जय माँ कालका,

जय माँ कालका जय माँ कालका....

शुक्रवार को जो भी आये भरती गोद भवानी है,

शनिवार को संकट काटे जिसपे संकट भारी है,

अपने भक्तो की माँ करती खुद रखवाली है,

वही वैष्णो वही ज्वाला वही माँ काली है,

जय माँ कालका जय माँ कालका,

जय माँ कालका जय माँ कालका......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।