मेरे बांके बिहारी पिया चुरा दिल मेरा लिया

संत सूरदास
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरे बांके बिहारी पिया,

चुरा दिल मेरा लिया,

आय हाय तूने ये क्या किया,

चुरा दिल मेरा लिया.....

मोहन तेरी सूरत प्यारी,

बृंदावन के बांके बिहारी,

तेरी नज़रों ने जादू किया,

चुरा दिल मेरा लिया......

भक्ति में तो ऐसी खो गई,,

प्रेम दीवानी मीरा हो गई,

उसने विष का भी प्याला पिया,

चुरा दिल मेरा लिया......

श्री हरिदास के प्राण के प्यारे,

सूरदास के आंखों के तारे,

तेरी मस्ती ने पागल किया,

चुरा दिल मेरा लिया.....

श्याम से जब से प्रीति लगाई,

चैन गंवाया निंदिया गवाई,

तेरे दर्शन को तड़पे जिया,

चुरा दिल मेरा लिया......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।