मै किवे वृन्दावन आई सइयो नी मेरा दिल जाने

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मै किवे वृन्दावन आई सइयो नी मेरा दिल जाने,

आँख अहदे नाल किवे मै लाई सइयो नी मेरा दिल जाने....

इसदे नाल प्यार मैनु थोड़ा थोड़ा होया सी,

गलिया च इसदी मेरा दिल खोया सी,

मै रटना इसदी लगाई साइयो नी मेरा दिल जाने,

मै किवे वृन्दावन आई........

काला काला रंग मेरी अखिया च छा गया,

सावरा सलोना मेरे दिल नु भा गया,

सब सखिया नाल दौड़ी आई सइयो नी मेरा दिल जाने,

मै किवे वृन्दावन आई........

आके वृंदावन मै ऐथो दी हो गयी,

गलिया च सावरे मै तेरी खो गयी,

मुस्कान तेरे दिल नु भाई साइयो नी मेरा दिल जाने,

मै किवे वृन्दावन आई........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।